प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिये एर्दोगान सरकार कर रही है भारत की बड़ी मदद,ऐसे कम होगी कीमत,देखिए

नई दिल्ली: भारत के बाजार में प्याज के दामों में कुछ सुकून होने की उम्मीद है,क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमएमटीसी ने तुर्की से 4,000 टन प्याज आयात का एक और ऑर्डर दिया है। आयात की यह खेप जनवरी मध्य तक पहुंचने की उम्मीद है।

सरकार ने एक बयान में कहा है कि चार हजार टन का यह ताजा ऑर्डर 17,090 टन प्याज आयात के लिए पहले किए गए अनुबंध से अलग है, जिसमें मिस्र से 6,090 टन और तुर्की से 11,000 टन प्याज का आयात करना शामिल है।

एमएमटीसी, सरकार की ओर से प्याज का आयात कर रही है। सरकार आयात सहित विभिन्न उपायों से इस प्रमुख सब्जी की घरेलू आपूर्ति में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। आयात से आपूर्ति बढ़ाकर प्याज की कीमतों पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश के प्रमुख शहरों में प्याज की कीमतें 75-100 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।

बयान के अनुसार, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एमएमटीसी को प्याज के आयात के लिए तीन और निविदा जारी करने का भी निर्देश दिया है। तीन निविदाओं में से दो देश-विशिष्ट हैं, अर्थात तुर्की और यूरोपीय संघ से प्याज का आयात किया जाना है, जबकि एक वैश्विक निविदा है। इन सभी निविदाओं में से प्रत्येक निविदा के तहत 5,000 टन प्याज का आयात किया जाएगा। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि जल्द आयात के लिए नई निविदा में मानदंडों में कुछ ढील देकर आयात को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।

इनमें आयात किए जाने वाले प्याज का आकार 40 मिमी-80 मिमी तक बढ़ाया गया है, कंसोर्टियम बोली लगाने की अनुमति दी गई है, निर्यातक कई लॉट में शिपमेंट की पेशकश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कीटनाशक धूम्रीकरण मामले में मानदंड में जो ढील 30 नवंबर तक दी गई थी, उसे बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दिया गया है। इससे भागीदारी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कीमत कम होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, एक समन्वय समिति का भी गठन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयात और वितरण की पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित हो सके ताकि समय पर प्याज की आवक हो और राज्यों द्वारा प्याज की बिक्री सुनिश्चित हो सके।

बयान में कहा गया है कि जहाजरानी मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि वह आयातित प्याज वाले जहाजों के लैंडिंग/डॉकिंग के लिए प्राथमिकता देगा तथा प्याज के शीघ्र आगमन और आगे वितरण/प्रेषण सुनिश्चित करने के लिए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, मुंबई में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा।

केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के प्रयास में तीन दिसंबर को खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं के लिए प्याज की स्टॉक सीमा घटाकर क्रमशः 5 टन और 25 टन कर दी। हालांकि, आयातित प्याज पर यह स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने घरेलू आपूर्ति में सुधार और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 1.2 लाख टन प्याज के आयात को मंजूरी दी है। सरकार ने कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए पहले ही प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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