दिल्ली चुनाव में योगी आदित्यनाथ लगा रहे हैं अपने भाषणों से हिंदुत्व का तड़का,देखिए क्या कहा

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी दिल्ली में चुनाव प्रचार कर रहे हैं,जो अपने भाषणों से हिंदुत्व का तड़का लगा रहे हैं, चुनावी मंच मिलते ही योगी ने शाहीनबाग के बहाने माहौल बनाना शुरू कर दिया है,योगी आदित्यनाथ के बोली से नहीं मानेंगे तो गोली से मनायेंगे वाले उनके बयान पर विवाद बढ़ गया है. आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से योगी की शिकायत कर दी है. कहा जा रहा है कि उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी जाए. योगी कह रहे हैं कि शाहीनबाग वालों को केजरीवाल बिरयानी खिला रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी के स्टार प्रचारक हैं. 1 फरवरी से ही वे यहां रैलियां कर रहे हैं. योगी को उन इलाकों में लगाया गया है, जहां पूर्वांचली लोग रहते हैं. दिल्ली में बिहार और यूपी के लोगों को पूर्वांचली या पुरबिया कहा जाता है. एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में ऐसे 45 लाख वोटर हैं. कहा जाता है 27 सीटों पर जीत और हार पुरबिया वोटर तय करते हैं।

इसके अलावा 8 से 12 विधानसभा सीटों को वे प्रभावित करते हैं. इन इलाकों में योगी आदित्यनाथ अपनी पार्टी के लिए खेवनहार बन सकते हैं. इसीलिए बीजेपी ने उनकी दर्जन भर चुनावी सभाएं लगा रखी हैं।

यूपी का मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के महंत भी हैं. गोरखपुर का गोरक्ष पीठ इस संप्रदाय का सबसे बड़ा मठ है. योगी इसी मठ के महंत हैं. हरियाणा, दिल्ली, असम, कर्नाटक, त्रिपुरा में इस समुदाय के लाखों समर्थक रहते हैं. कहते हैं योगी के इशारे पर ये लोग किधर भी वोट कर सकते हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि बीजेपी के उग्र हिंदुत्व वाले रोल में वे सबसे फिट बैठते हैं. बोल वचन से लेकर अपने पहनावे तक. योगी हर अंदाज में इसी एजेंडे को बखूबी आगे बढ़ाते हैं. इसीलिए पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बाद प्रचार के लिए सबसे अधिक डिमांड उनकी रहती है।

देश में कहीं भी किसी तरह का चुनाव हो. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बीजेपी स्टार प्रचारक बनाती रही है. त्रिपुरा के चुनाव में उनका स्ट्राइक रेट शानदार रहा था. जिन सीटों पर उन्होंने चुनाव प्रचार किया, पार्टी सभी सीटों पर जीतने में कामयाब रही. गुजरात चुनाव में मोदी के बाद सबसे अधिक रैलियां योगी ने की. वहां भी वे कामयाब रहे. अधिकतर सीटों पर बीजेपी जीती, जहां योगी ने प्रचार किया. कर्नाटक चुनाव में भी योगी आदित्यनाथ का मिला जुला असर रहा. लेकिन छत्तीसगढ़ में वे चल नहीं पाए।

वैसे बीजेपी की वहां कांग्रेस के हाथों शर्मनाक हार हुई थी. महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में भी योगी ने धुंआधार प्रचार किया था. झारखंड चुनाव में उन्होंने दर्जन भर रैलियां की. लेकिन सबसे अधिक चर्चा जामताड़ा की रही. यहां उन्होंने कहा कि अगर इरफान चुनाव जीता तो फिर अयोध्या में राम मंदिर कैसे बनेगा ? लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार इरफान अंसारी जीत गए. तब सोशल मीडिया में कांग्रेस के लोगों ने योगी की खिल्ली भी उड़ाई थी।

अपने बयानों को लेकर योगी आदित्यनाथ हमेशा चर्चा में रहते हैं. चुनाव हो या ना हो. वे बिना लाग लपेट के खुल कर हिंदुत्व का कार्ड खेलते हैं. भगवा कपड़ों और कान में कुंडल को लेकर उनकी छवि भी उसी स्टाइल की रही है. उन्होंने कहा था कि मुस्लिम मर्द अपने घरों में हैं और अपनी औरतों को चौराहे पर बैठा दिया है. दिल्ली में चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी और बीजेपी में सीधी टक्कर है।

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