कश्मीर मुद्दे को लेकर सऊदी अरब और पाकिस्तान के बिगड़े सम्बन्ध,जानिए किसने क्या कहा ?

नई दिल्ली: पाकिस्तान ने अपने पुराने मित्र और सहयोगी सऊदी अरब को तुर्की और चीन के कहने पर धमकी दी है,क्योंकि सऊदी अरब उसका साथ देने से मना कर दिया है।

पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने अब सऊदी अरब के नेतृत्‍व वाले ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक कंट्रीज को धमकाया उन्‍होंने कहा कि ओआईसी कश्‍मीर पर विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में देरी बंद करे वक़्त नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि ओआईसी कश्‍मीर पर अपने विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक बुलाने में हीलाहवाली बंद करे,पाकिस्‍तानी न्‍यूज चैनल एआरवाई को दिए साक्षात्‍कार में कुरैशी ने कहा, ‘मैं एक बार फिर से पूरे सम्‍मान के साथ ओआईसी से कहना चाहता हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक हमारी अपेक्षा है। यदि आप इसे बुला नहीं सकते हैं तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से यह कहने के लिए बाध्‍य हो जाऊंगा कि वह ऐसे इस्‍लामिक देशों की बैठक बुलाएं जो कश्‍मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं।

पाकिस्‍तान ने सऊदी अरब, OIC को दी धमकी
कभी सऊदी अरब के पैसों पर पेट पालने वाले पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने अपने इस बयान के जरिए ओआईसी को एक तरह से धमकी दे डाली। एक अन्‍य सवाल के जवाब में कुरैशी ने कहा कि पाकिस्‍तान और ज्‍यादा इंतजार नहीं कर सकता है। बता दें कि पाकिस्‍तान कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 के खात्‍मे के बाद से ही 57 मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने के लिए लगातार सऊदी अरब पर दबाव डाल रहा है। हालांकि अब तक उसे इस प्रयास में सफलता नहीं मिल पाई है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के बाद ओआईसी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा संगठन है।

कुरैशी ने कहा कि पाकिस्‍तान ने सऊदी अरब के अनुरोध पर खुद को कुआलालंपुर शिखर सम्‍मेलन से अलग कर लिया था और अब पाकिस्‍तानी यह मांग कर रहे हैं कि सऊदी अरब कश्‍मीर के मुद्दे पर नेतृत्‍व दिखाए। पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक होती है तो इससे कश्‍मीर पर भारत को इस्‍लामिक देशों की ओर से स्‍पष्‍ट संदेश जाएगा।

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक ओआईसी की बैठक न होने के पीछे एक बड़ी वजह सऊदी अरब है। सऊदी अरब ओआईसी के जरिए भारत को कश्‍मीर पर चित करने की पाकिस्‍तानी चाल में साथ नहीं दे रहा है। दरअसल, ओआईसी में किसी भी कदम के लिए सऊदी अरब का साथ सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है। ओआईसी पर सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का दबदबा है।

कुरैशी ने कहा, ‘हमारी अपनी संवेदनशीलता है। आपको यह समझना होगा। खाड़ी देशों को यह समझना होगा।’ कुरैशी ने कहा क‍ि वह भावुक होकर यह बयान नहीं दे रहे हैं, बल्कि पूरी तरह से इसका असर समझते हैं। उन्‍होंने कहा, ‘यह सही है, मैं सऊदी अरब से अच्‍छे संबंधों के बावजूद अपना रुख स्‍पष्‍ट कर रहा हूं।’ डॉन के मुताबिक कश्‍मीर पर सऊदी अरब के कदम नहीं उठाने से पाकिस्‍तान की कुंठा बढ़ती ही जा रही है। इमरान खान ने भी पिछले दिनों इस पर अपनी हताशा जाहिर की थी।

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