Video: भारत सरकार को पद्मश्री सम्मान लौटाना चाहते हैं सैफ अली खान, बताई ये वजह,देखिए

नई दिल्ली: पटौदी रियासत के दसवे नवाब बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान हमेशा ट्रोलर्स के निशाने पर हैं,कई बार सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया है ,जिससे छोटे नवाब काफी आहत हुए हैं,और एक टॉक शो में में जमकर अपनी भड़ास निकाली है।

ट्रोल करने वाले ने सैफ को लताड़ते हुए बेटे तैमूर अली खान के नाम से जुड़ा विवाद, सैफ को मिले पद्मश्री सम्मान, रेस्टॉरंट में झगड़े वाली बात को शामिल किया और सैफ की ऐक्टिंग को बुरा कहते हुए ट्रोल किया।

ट्रोलर ने लिखा, ‘सैफ अली खान एक ठग हैं, उन्होंने पद्मश्री सम्मान को खरीदा है, अपने बेटे का नाम तैमूर रखा है और एक रेस्टॉरंट में कुछ लोगों की पिटाई भी की थी, पता नहीं कैसे इन्हें रोल मिलता है, जबकि इनको ऐक्टिंग नहीं आती है।’

इस कॉमेंट के जवाब में सैफ कहते हैं, ‘यहां बहुत सारी चीजें हैं, पहली बात जो लिखी है कि मैं ठग हूं, वह मैं नहीं हूं, लेकिन बाकी सब बातें सही हैं… नहीं मुझे लगता है पद्मश्री जैसे सम्मान को खरीदने की बात सही नहीं है, क्या यह ( पद्मश्री सम्मान खरीदना ) पॉसिबल है यह बहुत महंगा होगा, मतलब भारतीय सरकार को घूस देने की मेरी औकात नहीं है, इस बात का पता लगाने के लिए हमें मोस्ट सीनियर लोगों से पूछना होगा। मुझे लगता है कि पद्मश्री का सम्मान मुझे नहीं लेना चाहिए था, फिल्म इंडस्ट्री में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो मुझसे ज्यादा काबिल हैं इस पद्म सम्मान के लिए, बहुत सारे सीनियर ऐक्टर को अभी तक यह सम्मान नहीं मिला है।’

सैफ जवाब देते हुए आगे कहते हैं, ‘यह मेरे लिए बहुत ही शर्म की बात है, यह बात भी है कि यह सम्मान कुछ ऐसे लोगों को भी मिला है, जो मुझसे भी कम काबिल हैं, लेकिन अब मैं यह पद्मश्री सम्मान सरकार को वापस करना चाहता हूं। जब मुझे पद्मश्री का सम्मान दिया जा रहा था, तब मेरे पिता ने मुझे कहा था कि तुम इस पॉजिशन में नहीं हो कि भारत सरकार द्वारा मिल रहे सम्मान के लिए इनकार कर सको। मैंने कहा, ठीक है और खुशी-खुशी सम्मान ले लिया। मैंने सोचा था कि आज नहीं तो कल शायद मैं कुछ ऐसा काम करूंगा, जिससे इस सम्मान को डिजर्व कर पाऊंगा, तब लोग मुझे इस सम्मान के लिए सही भी समझेंगे।’

बेटे तैमूर अली खान के नाम पर सफाई देते हुए सैफ ने कहा, ‘मुझे इस बुराई नजर नहीं आती। मुझे यह नाम बहुत खूबसूरत लगता है। तैमूर का मतलब आयरन होता है और यह एक मजबूती के प्रतीक का नाम है। मैं इस नाम को लेकर हुए विवाद से भी वाकिफ हूं। लोगों को लगता है कि यह नाम मैंने टर्किस मंगोलियन तैमूर के नाम पर बेटे का नाम रखा है। दोनों नामों में फर्क है, जो लोग समझ ही नहीं पाए। मेरे बेटे का नाम तैमूर है और मंगोलियन राजा तिमूर था। दोनों ही वर्ड्स बिल्कुल अलग हैं।

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